Post Page Advertisement [Top]

संगीत पर कविता

संगीत पर कविता

धुनों की मधुरता, ताल की मगनता, संगीत जीवन का अमृत है बनता। भावों का संगम, आत्मा का संगीत, इसकी महिमा कोई कहने से पीछे नहीं रहता।
मुसीबत के बादलों को उजागर करता, मन की अंतरंगता को चिढ़ाता। सुन्दरता के बीज बोता है संगीत, दिल के रास्ते को आसान बना देता।
गीतों के सुरों में पिरोया है जीवन, सपनों की उड़ान, रंगों की भीड़ है यहां। दुःख को आहट, सुख को मधुर स्पर्श देता, संगीत अपनों को अपने करीब ला देता।
वीरता की पुकार, विचारों की बिसात, धर्म की प्रार्थना, नये सपनों की बारात। गुनगुनाता हर आदमी, गीतों की लहरों में, एक साथ बंधे हैं यहां सभी जीने की साथ।
संगीत जीवन की राहों को जगमगाता हैं, आंखों के आगे आँसू को दिलासा दिलाता हैं। जब दिल जलता हैं, जब रूह कच्ची हो जाती हैं, संगीत ही हैं जो चर्चा को बंद करवाता हैं।
इसलिए आओ, संगीत को बनाये मित्र, आपसी जुड़ाव को बढ़ाएं और बढ़ाएं। गीतों की बारिश में नहलाएं अपनी रूह, संगीत ही हैं जो भावों को नया रंग दे जाएं।
संगीत पर कविता

No comments:

Post a Comment

Bottom Ad [Post Page]