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एक भी आँसू न कर बेकार - रामावतार त्यागी
ज्ञान, विज्ञान और कला साहित्य में, फिर चमके हिंदुस्तान रे - सरस्वती वंदना
कलम, आज उनकी जय बोल - रामधारी सिंह दिनकर
होली है तो आज - हरिवंश राय बच्चन| होली पर कविता 2021
 सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना - पाश
असंभव से संभव तक - कविता
रामधारी सिंह दिनकर जी की रचनाएँ