Ad

माँ की ममता हिंदी कविता - मनोज मुंतशिर
मुक्ति की आकांक्षा - सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है - हरिवंशराय बच्चन
जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है - केदारनाथ अग्रवाल
खीचों राम-राज्य लाने को, भू-मंडल पर त्रेता - माखनलाल चतुर्वेदी
सूर्य ढलता ही नहीं है - रामदरश मिश्र
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार - शिवमंगल सिंह सुमन