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तू भी है राणा का वंशज फेंक जहां तक भाला जाए - वाहिद अली वाहिद
बैठ जाता हूँ मिट्टी पे अक्सर - हरिवंश राय बच्चन
कदम मिलाकर चलना होगा - अटल बिहारी वाजपेयी
एक भी आँसू न कर बेकार - रामावतार त्यागी
ज्ञान, विज्ञान और कला साहित्य में, फिर चमके हिंदुस्तान रे - सरस्वती वंदना
कलम, आज उनकी जय बोल - रामधारी सिंह दिनकर
होली है तो आज - हरिवंश राय बच्चन| होली पर कविता 2021